Tuesday, March 4, 2014

Saudi Women Edge Toward Equal Rights Reform समान अधिकारों के लिए सऊदी महिलाओं की पहल

इडा लिचर
5 मई 2013
मोटरसाइकिल चलाने की इज़ाज़त क्या सऊदी औरतों के कार चलाने पर लगी पाबंदी को हटाने की दिशा में पहला कदम है? हाल ही में सरकार ने औरतों को पूरे इस्लामी पोशाक पहन रहने की शर्त पर पार्क और मनोरंजन क्षेत्रों में बाइक या बग्घी चलाने की इजाज़त दी है। गाड़ी चलाने वाले अपनी काली पोशाक में उलझ जाएं और गिर पड़ें, ऐसे में उन्हें किसी पुरुष अभिभावक के साथ होना ज़रुरी है और सामाजिक मेल जोल से बचने के लिए ये लोग ऐसे सार्वजनिक जगहों से दूर रहें, जहाँ मर्द अक्सर आते हैं।
वजेहा अलहुवैदर जैसी महिला कार्यकर्ताओं ने ड्राइविंग पर पाबंदी खत्म करने की अर्ज़ी दी है, और बच्चों की शादी और संरक्षण कानूनों के खिलाफ अभियान चलाया है जो महिलाओं को कानूनी प्रक्रिया, शिक्षा, शादी और यात्रा के लिए पुरुष रिश्तेदारों से इजाज़त लेने को मजबूर करते हैं।
वैश्विक आर्थिक, राजनीतिक और धार्मिक प्रभाव के साथ सउदी शाह के द्वारा भेदभाव को खत्म करने के लिए राज्य से समर्थन प्राप्त सुधार पर पश्चिमी देशों में कुछ कम ही रुचि पैदा हो सकती है, अगर ये कदम तेल की दौलत से माला माल देश में पश्चिमी देशों के संभावित प्रभाव के लिए न हो।   
सऊदी अरब कई देशों में मस्जिदों और इस्लामिक स्टडीज़ के लिए धन मुहैया कराता है। ये एक मिशन है जिसका आधार 18वीं सदी के मध्य में प्रिंस मोहम्मद इब्ने सऊद और मुस्लिम विद्वान मोहम्मद इब्न अब्दुल वहाब के बीच समझौता है। ये गठबंधन इस्लाम धर्म के  बेहद हिंसक रूप वहाबी इस्लाम के प्रचार प्रसार के बदले में ये मक्का और मदीना में पवित्र स्थानों के संरक्षक के रूप में सऊद परिवार को वैधता प्रदान करता है। वहाबियत राज्य के कानून और धार्मिक पुलिस में प्रकट होता है। ईरान के साथ प्रतिद्वंदिता ने सऊदी अरब को और अधिक पवित्र छवि को अपनाने को मजबूर किया है।
 

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