Dispute With the Journalists or Business Houses? पत्रकारों या व्यावसायिक प्रवक्ताओं का विवाद?
मुजाहिद हुसैन , न्यु एज इस्लाम
6 मई, 2014
पाकिस्तान
में पत्रकारिता और उसकी सीमाओं के बारे में बहुत तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो
चुकी है और सम्भावना यही है कि पाकिस्तानी पत्रकारिता को सत्ताधारी
शक्तियों की इच्छा की रस्सी के साथ बांध दिया जाएगा। इस इच्छा के सभी
संभावित हिस्सों को खुद पाकिस्तानी पत्रकारिता का एक बहुत बड़ा हिस्सा
स्थापित कर रहा है, जिसका स्पष्ट कारण मीडिया संस्थानों और व्यक्तियों की
आपसी लड़ाई है। क्योंकि राज्य और जनता को पेश असल मुद्दों से स्थायी रूप से
किनाराकशी इसी तरह सम्भव है कि मीडिया को ऐसे विषयों में उलझा दिया जाए
जिनसे जान छुड़ाना आसानी से मुमकिन न हो। जिस राज्य में कानून का सम्मान और
संविधान की सर्वोच्चता की अवधारणाओं अभी पैदा भी न हो पाई हो और वहाँ खुद
को कानून और संविधान करार देकर सभी अधिकारों और शक्ति को अपने पास जमा कर
लेने की परम्परा पूरी ताकत के साथ मौजूद हो, वहाँ सिर्फ चिह्नित संस्थाओं
के लिए सीमा के ताने बाने समझ में न आने वाली दलील है।
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