Wednesday, September 7, 2011

Hindi Section
26 Aug 2011, NewAgeIslam.Com

रोज़ा यानी सब्र का इम्तेहान

कमाल अहमद रूमी

इस्लाम धर्म में अल्लाह ने अपने बंदों पर कुल पांच चीजें फ़र्ज़ (अनिवार्य) की हैं-कलमा, नमाज़, रोज़ा, हज और ज़क़ात। इन पांच चीजों में रोज़ा यानी रमज़ान बहुत अहम स्थान रखता है। इस्लामी कैलेंडर वर्ष का नौवां महीना रमज़ान है. इस महीने में हर मुसलमान के लिए अल्लाह ने 30 रोज़े फ़र्ज़ किए हैं।

http://www.newageislam.com/NewAgeIslamHindiSection_1.aspx?ArticleID=5332

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