Sunday, September 11, 2011

Hindi Section
10 Sep 2011, NewAgeIslam.Com
पाकिस्तान के ईशनिंदा के कानूनः हिंदुस्तानी उलमा कम अतिवादी और दकियानूसी नहीं (भाग-1)

रसूलुल्लाह (...) का अपमान करने वाले की हिमायत करना भी रसूलुल्लाह(...) का अपमान है। ये हरकत कोई भी करे, कोई आम आदमी करे या गवर्नर याराष्ट्रपति , सज़ा सबके लिए बराबर होती है। सलमान तासीर ने जुर्म किया, उन्हें सज़ानहीं दी गयी, क्योंकि वो राष्ट्रपति के दोस्त और बाअसर शख्सियत के मालिक थे। उनकेखिलाफ कारवाई होनी चाहिए थी, जो नहीं हुई। इन हालात में लोग अगर भड़क जायें,अपने जज़्बात पर क़ाबू खो दें, या मज़हबी जोश के अंदर कोई कदम उठा बैठें तो उनपर इल्ज़ाम कैसे लगाया जा सकता है। ये तो होना ही था। मुमताज़ क़ादरी ये काम करता तो कोई और करता। सलमान तासीर के बयानात के खिलाफ और आसिया कीसज़ा की हिमायत में पाकिस्तानी अवाम ने 31 दिसम्बर को हड़ताल करके इस मसलेपर अपनी एकजुटता और एकता का प्रदर्शन किया था, और सारी दुनिया को बता दियाथा कि मुसलमान अपने समूह के हित और सियासी ख्यालात में एक दूसरे से अलग होसकते हैं लेकिन रसूलुल्लाह (...) से मोहब्बत के मामले में उनका नज़रियाबिल्कुल एक है। --मौलाना नदीमुल वाजिदी (उर्दू से हिंदी अनुवाद- समीउर रहमान, न्यु एज इस्लाम डाट काम)

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