Wednesday, January 11, 2012


Hindi Section
11 Jan 2012, NewAgeIslam.Com
क्या मुस्लिम सभ्यता पतन के तय रास्ते की ओर जा रही है?

ज़ियाउद्दीन सरदार (अंग्रेजी से अनुवाद- समीउर रहमान, न्यु एज इस्लाम डाट काम)

मदीना युनिवर्सिटी के छात्र अपने सऊदी रहनुमाओं और अपनी विचारधारा के निहायत वफादार थे। जिस वहाबीवाद को इन लोगों ने सीखा था वो कबायली वफादारी की बुनियादों पर तैय्यार किया गया था लेकिन परम्परागत कबायली वफादारी की जगह अब इस्लाम ने ले ली थी। इस इलाके के बाहर रहने वाले सभी लोगों की परिभाषा, काफिर दुश्मनों की थी। इन के दायरे से जो बाहर थे उनमें सिर्फ गैर-मुसलमान ही नहीं थे बल्कि वो सभी मुसलमान भी थे जिन्होंने वहाबियत के साथ अपनी वफादारी का ऐलान नहीं किया था। -- ज़ियाउद्दीन सरदार (अंग्रेजी से अनुवाद- समीउर रहमान, न्यु एज इस्लाम डाट काम)

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