Tuesday, February 7, 2012


Hindi Section
07 Feb 2012, NewAgeIslam.Com
इस्लाम और आर्थिक न्याय

असग़र अली इंजीनियर (अंग्रेजी से अनुवाद- समीउर रहमान, न्यु एज इस्लाम डाट काम)

13 जनवरी, 2012

अगर मुसलमानों ने इन आयतों को गंभीरता से लिया होता और उन पर अमल किया होता तो वो पूरी दुनिया के लिए सामूहिक न्याय के लिए आदर्श होते और विवादों से खाली दुनिया और युद्धों और खून खराबे के बिना दुनिया और एक शांतिपूर्ण दुनिया जहां सभी अपने को सुरक्षित समझते और इसी दुनिया को असली जन्नत बनाने की प्रक्रिया में सहायक होते। लेकिन अमेरिका ने अपने लोगों के जीवन को खुशहाल बनाने के लिए पूरी दुनिया को नरक बना दिया है। -- असग़र अली इंजीनियर (अंग्रेजी से अनुवाद- समीउर रहमान, न्यु एज इस्लाम डाट काम)

http://www.newageislam.com/NewAgeIslamHindiSection_1.aspx?ArticleID=6569

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