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अगर मुसलमानों ने इन आयतों को गंभीरता से लिया होता और उन पर अमल किया होता तो वो पूरी दुनिया के लिए सामूहिक न्याय के लिए आदर्श होते और विवादों से खाली दुनिया और युद्धों और खून खराबे के बिना दुनिया और एक शांतिपूर्ण दुनिया जहां सभी अपने को सुरक्षित समझते और इसी दुनिया को असली जन्नत बनाने की प्रक्रिया में सहायक होते। लेकिन अमेरिका ने अपने लोगों के जीवन को खुशहाल बनाने के लिए पूरी दुनिया को नरक बना दिया है। -- असग़र अली इंजीनियर (अंग्रेजी से अनुवाद- समीउर रहमान, न्यु एज इस्लाम डाट काम) http://www.newageislam.com/NewAgeIslamHindiSection_1.aspx?ArticleID=6569 | |||||||||||||
Tuesday, February 7, 2012
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