सलमान रश्दी के भारतीय मुल्ला नाकिदीन (आलोचकों) के पास जश्न मनाने का मौका है। उन्होंने सरकार को मजबूर कर दिया कि रश्दी को भारत से दूर रखने की उनकी मांग के सामने हथियार डाल दें। बेशक, उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि इस अमल में उन्होंने मुसलमानों के खिलाफ किस कदर नापसंदीदगी पैदा कर दी। वो भारत के खिलाफ जिहाद की हालत में हैं जैसे कि उनके पाकिस्तानी हममंसब (समकक्ष) हैं। उर्दू मीडिया का अध्ययन करें जहां ज़्यादतर स्तम्भकार मुल्ला हैं, कुछ स्पष्ट दाढ़ी वाले हैं और कुछ की दाढ़ी पेट में अच्छी तरह छिपी हुई है। बहुत ही कम आपको भारत के बारे में कुछ अच्छे शब्द मिलेंगे। कभी भी कुछ सकारात्मक नहीं मिलेगा। -- सुल्तान शाहीन, एडिटर, न्यु एज इस्लाम डाट काम
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