Wednesday, February 8, 2012

Hindi Section
08 Feb 2012, NewAgeIslam.Com
धर्म और नैतिकताः इस्लाम में जानवरों की अहमियत

नीलोफर अहमद (अंग्रेजी से अनुवाद- समीउर रहमान, न्यु एज इस्लाम डाट काम)

नवम्बर 2011

'वही तो है जिसने सब चीज़े जो ज़मीन में हैं, तुम्हारे लिए पैदा कीं। (कुरान 2:29)

नबी करीम (सल्लल्लाहू अलैहे वसल्लम स.अ.व.) ने कहा है कि अगर सबसे छोटे परिंदे को उसके हक़ के बगैर हलाक कर किया गया और फेंक दिया गया तो इस अमल की एक जुर्म को तौर पर पूछ ताछ की जायेगी। आप (स.अ.व.) ने स्पष्ट किया कि उसका अधिकार था कि उसे सिर्फ खाने के लिए जरूरत की स्थिति में ज़बह किया जाना चाहिए और ये नहीं कि बिना जरूरत उसे मार दिया जाये और फेंक दिया जाए (मिश्कात)। -- नीलोफर अहमद (अंग्रेजी से अनुवाद- समीउर रहमान, न्यु एज इस्लाम डाट काम)

http://www.newageislam.com/NewAgeIslamHindiSection_1.aspx?ArticleID=6582

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